Tuesday, 27 March 2012

349_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

 प्रेमी आगे-पीछे का चिन्तन नहीं करता | वह तो किसी आशंका से भयभीत होता है और वर्त्तमान परिस्थिति में प्रेमास्पद में प्रीति के सिवाय अन्य कहीं आराम पाता है
 Pujya Asharam Ji Bapu
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