Wednesday, 7 March 2012

285_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

जिसकी पक्की निष्ठा है कि 'मैं आत्मा हूँ...उसके लिये ऐसी कौन सी ग्रंथि है जो खुल सके? ऐसी कोई ताकत नहीं जो उसके विरुद्ध जा सके
Pujya asharam ji bapu
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