Friday, 24 May 2013

1123_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

संसारी तुच्छ विषयों की माँग मत करो। विषयों की माँग कोई भी हो, तुम्हें दीन बना देगी। विषयों की दीनतावालों को भगवान नहीं मिलते। नाऽयमात्मा बलहीनेन लभ्यः
 -Pujya Asharam Ji Bapu

Thursday, 23 May 2013

1122_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

बात करने में दूसरों को मान देना, आप अमानी रहना यह सफलता की कूँजी है | अतः अपने से बड़ों के साथ विनययुक्त व्यवहार, बराबरी वालों से प्रेम और छोटों के प्रति दया तथा सहानुभूति-सम्पन्न तुम्हारा व्यवहार जादुई असर करता है  |

-Pujya Asharam Ji Bapu

1121_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

शरीर की मौत हो जाना कोई बड़ी बात नहीं, लेकिन श्रद्धा की मौत हुई तो समझो सर्वनाश हुआ।
 -Pujya Asharam Ji Bapu

1120_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

अपने दोषों को खोजो।
जो अपने दोष देख सकता है,वह
कभी-न-कभी उन दोषों को
दूर करने के लिए भी
प्रयत्नशील होगा ही।
ऐसे मनुष्य की
उन्नति निश्चित है।
-Pujya Asharam Ji Bapu

Wednesday, 22 May 2013

1119_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU


यदि तुमने शरीर के साथ अहंबुद्धि की तो तुममें भय व्याप्त हो ही जायेगा, क्योंकि शरीर की मृत्यु निश्चित है। उसका परिवर्तन अवश्यंभावी है। उसको तो स्वयं ब्रह्माजी भी नहीं रोक सकते। परन्तु यदि तुमने अपने आत्मस्वरूप को जान लिया, स्वरूप में तुम्हारी निष्ठा हो गयी तो तुम निर्भय हो गये, क्योंकि स्वरूप की मृत्यु कभी होती नहीं। मौत भी उससे डरती है।
 -Pujya Asharam Ji Bapu

1118_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

गुरु से फरियाद न करो, उनके आगे समर्पण करो। फरियाद से तुम उनसे लाभ लेने से वंचित रह जाओगे। उनका हृदय तो ऐसा निर्मल है कि जैसी उनमें भावना करोगे, वैसा ही लाभ होगा। तुम उनमें दोषदृष्टि करोगे तो दोषी बनोगे, गुणग्राहक दृष्टि करोगे तो उनके गुण तुममें आयेंगे और उनको त्रिगुणातीत मानकर उनके आज्ञापालन में चलोगे तो स्वयं भी गुणों से एक दिन पार हो जाओगे।

-Pujya Asharam Ji Bapu

Tuesday, 21 May 2013

1117_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

तुम ईश्वर में डट जाओ। तुम्हारा दुश्मन वही करेगा जो तुम्हारे हित में होगा। ॐ का जप करने से और सच्चे आत्मवेत्ता संतों की शरण में जाने से कुदरत ऐसा रंग बदल देती है कि भविष्य ऊँचा उठ जाता है।
 -Pujya Asharam Ji Bapu

Monday, 20 May 2013

1116_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

सदा सम रहने की तपस्या के आगे बाकी की सब तपस्याएँ छोटी हो जाती हैं। सदा प्रसन्न रहने की कुंजी के आगे बाकी की सब कुंजियाँ छोटी हो जाती हैं।आत्मज्ञान के आगे और सब ज्ञान छोटे रह जाते हैं। इसलिए दुनिया में हर इज्जत वाले से ब्रह्मवेत्ता की ऊँची इज्जत होती है।
 -Pujya Asharam Ji Bapu

1115_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU



हे वत्स !
उठ.... ऊपर उठ।
प्रगति के सोपान एक के बाद एक
तय करता जा।
दृढ़ निश्चय कर कि
'अब अपना जीवन
दिव्यता की तरफ लाऊँगा।

-Pujya Asharam Ji Bapu

Sunday, 19 May 2013

1114_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

मनुष्य जैसा सोचता है वैसा हो जाता है। मन कल्पतरू है। अतः सुषुप्त दिव्यता को, दिव्य साधना से जगाओ। अपने में दिव्य विचार भरो।
-Pujya Asharam Ji Bapu

Saturday, 18 May 2013

1113_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

 "हे रामजी ! फूल और पत्ते को मसलने में देर है, अपने स्वरूप को देखने में क्या देर है ?"
 (श्री वशिष्ठजी महाराज)

1112_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

मनसश्चेन्द्रियाणां च ह्यैक्राग्यं परमं तपः।
तज्जयः सर्व धर्मेभ्यः स धर्मः पर उच्यते।।
'मन और इन्द्रियों की एकाग्रता ही परम तप है। उनका जय सब धर्मों से महान है।'
(श्रीमद् आद्य शंकराचार्य)

1111_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

साधक यदि अभ्यास  के मार्ग पर उसी प्रकार आगे बढ़ता जाये, जिस प्रकार प्रारम्भ में इस मार्ग पर चलने के लिए उत्साहपूर्वक कदम रखा था, तो आयुरूपी सूर्य अस्त होने से पहले जीवनरूपी दिन रहते ही अवश्य 'सोऽहम् सिद्धि' के स्थान तक पहुँच जाये

 -Pujya Asharam Ji Bapu

Friday, 17 May 2013

1110_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

ज्ञान के कठिनमार्ग पर चलते वक्त आपके सामने जब भारी कष्ट एवं दुख आयें तब आप उसे सुख समझो क्योंकि इस मार्ग में कष्ट एवं दुख ही नित्यानंद प्राप्त करने में निमित्त बनते है | अतः उन कष्टों, दुखों और आघातों से किसी भी प्रकार साहसहीन मत बनो, निराश मत बनो | सदैव आगे बढ़ते रहो | जब तक अपने सत्यस्वरूप को यथार्थ रूप से जान लो, तब तक रुको नहीं |

 -Pujya Asharam Ji Bapu

1109_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

एक दिन तुम यह सब छोड़
जाओगे और पश्चाताप हाथ
लगेगा । उससे पहले
मोह-ममतारूपी पाश को
विवेकरूपी कैंची से काटते रहना ।

-Pujya Asharam Ji Bapu

Thursday, 16 May 2013

1108_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

आप अन्य लोगों से
जैसा व्यवहार करते हैं
वैसा ही घूम-फिरकर
आपके पास आता है। इसलिए
दूसरों से भलाई का व्यवहार करो।
वह भलाई कई गुनी होकर
वापस लौटेगी।

-Pujya Asharam Ji Bapu

1107_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

प्रभु का दर्शन माधुर्य देने वाला है, आह्लाद देने वाला है, पापों का नाशक है, परन्तु आत्म-साक्षात्कार तो आखिरी मंजिल है, मनुष्य जीवन का अन्तिम प्राप्तव्य है। जिसे तत्त्वज्ञान हो गया उसे कुछ भी पाना शेष नहीं रहा।

-Pujya Asharam Ji Bapu

1106_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

जड-चेतन, स्थावर-जंगम, सम्पूर्ण चराचर जगत एक ब्रह्म है और वह ब्रह्म तू है।जो कुछ तू देखता है वह सब तू ही है।
-Pujya Asharam Ji Bapu

Wednesday, 15 May 2013

1105_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

बाहर के नाते-रिश्तों को, बाहर के सांसारिक व्यवहार को उतना ही महत्त्व दो जहाँ तक कि वे साधना के मार्ग में विघ्न न बनें। साधना मेरा प्रमुख कर्त्तव्य है, बाकी सब कार्य गौण हैं – इस दृढ़ भावना के साथ अपने पथ पर बढ़ते जाओ।
-Pujya Asharam Ji Bapu

1104_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

सेवा करने वाला सामने वाले के गुणदोष देखेगा तो सेवा नहीं कर पायेगा। यज्ञार्थ कर्म करते जाओ। अपना कर्त्तव्य निभाते जाओ।

-Pujya Asharam Ji Bapu

1103_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

दुःख का पहाड़ गिरता हो और तुम परमात्मा में डट जाओ तो वह पहाड़ रास्ता बदले बिना नहीं रह सकता।
 -Pujya Asharam Ji Bapu

Tuesday, 14 May 2013

1102_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

सदा सम रहने की तपस्या के आगे बाकी की सब तपस्याएँ छोटी हो जाती हैं। सदा प्रसन्न रहने की कुंजी के आगे बाकी की सब कुंजियाँ छोटी हो जाती हैं।
-Pujya Asharam Ji Bapu

Monday, 13 May 2013

1101_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

वेदान्त की बात आपके अनुभव
में आने से सारे दुःख ओस की
बूँद की तरह लुप्त हो जायेंगे ।
मैं नितान्त सत्य कह रहा हूँ ।

-Pujya Asharam Ji Bapu

Saturday, 11 May 2013

1099_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

तुम जितना समाहित चित्त होते जाओगे, उतना जगत तुम्हारे चरणों के नीचे आता जायेगा।
-Pujya Asharam Ji Bapu

1098_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

'चिन्तामणि' के आगे जो चिन्तन करो वह चीज मिलती है लेकिन सत्पुरुष के आगे जो चीज माँगोगे वही चीज वे नहीं देंगे, मगर जिसमें तुम्हारा हित होगा वही देंगे।
श्री योगवाशिष्ठ

1097_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

मैं भी नहीं और मुझसे अलग अन्य भी कुछ नहीं | साक्षात् आनन्द से परिपूर्ण, केवल, निरन्तर और सर्वत्र एक ब्रह्म ही है | उद्वेग छोड़कर केवल यही उपासना सतत करते रहो |
-Pujya Asharam Ji Bapu

Friday, 10 May 2013

1096_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

'श्री सुखमनी साहिब' में ब्रह्मज्ञानी की महिमा का वर्णन करते हुए कहा गया हैः

ब्रह्म गिआनी का कथिआजाइ अधाख्यरु।।
ब्रह्म गिआनी सरब का ठाकुरु।।
ब्रह्म गिआनी कि मिति कउनु बखानै।।
ब्रह्म गिआनी की गति ब्रह्म गिआनी जानै।।

'ब्रह्मज्ञानी के बारे में आधा अक्षर भी नहीं कहा जा सकता है। वे सभी के ठाकुर हैं। उनकी मति का कौन बखान करे? ब्रह्मज्ञानी की गति को केवल ब्रह्मज्ञानी ही जान सकते हैं।'
ऐसे ब्रह्म ज्ञानी के, ऐसे अनंत-अनंत ब्रह्माण्डों के शाह के व्यवहार की तुलना किस प्रकार, किसके साथ की जाय?

Thursday, 9 May 2013

1095_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU



जो दूसरों का
दुःख नहीं हरता, उसका
अपना दुःख नहीं मिटता और
जो दूसरों के
दुःख हरने में लग जाता है,
उसका अपना दुःख टिकता नहीं।

 -Pujya Asharam Ji Bapu
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