Monday, 19 March 2012

323_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

गुरुभक्ति और गुरुसेवा ये साधनारूपी नौका की पतवार है जो शिष्य को संसारसागर से पार होने में सहायरूप हैं।
(ऋषि प्रसाद)
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