Tuesday, 27 March 2012

347_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

जैसे सामान्य मनुष्य को पत्थर, गाय, भैंस स्वाभाविक रीति से दृष्टिगोचर होते हैं, वैसे ही ज्ञानी को निजानन्द का स्वाभाविक अनुभव होता है
 Pujya Asharam Ji Bapu
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