Friday, 31 August 2012

757_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

तुम ईश्वर में डट जाओ। तुम्हारा दुश्मन वही करेगा जो तुम्हारे हित में होगा।
-Pujya asharam ji bapu

756_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

कल की चिन्ता छोड़ दो। बीती हुई कल्पनाओं को, बीती हुई घटनाओं को स्वप्न समझो। आने वाली घटना भी स्वप्न है। वर्त्तमान भी स्वप्न है। एक अन्तर्यामी अपना है। उसी को प्रेम करते जाओ और अहंकार को डुबाते जाओ उस परमात्मा की शान्ति में।
-Pujya asharam ji bapu

Thursday, 30 August 2012

755_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

.सभी साधक भाई-बहनों से  मैं आग्रहपूर्वक कहुंगा कि हमारे गुरुदेव का स्वास्थ्य बढ़िया रहे और हमारे गुरुदेव की आयु खूब -खूब लंबी हो, इस संकल्प के साथ महामृत्युंजय मंत्र  की एक माला आज से ही नित्य करने का संकल्प ले

Tuesday, 28 August 2012

754_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

वे और थे मुसाफिर जो पथ से लौट आये।। 
मरने के सब इरादे जीने के काम आये।
न रुकेंगें और न झुकेंगें

Monday, 27 August 2012

753_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

आत्म-चिन्तन से भोक्ता की बरबादी रुकती है। भोक्ता स्वयं आनंदस्वरूप परमात्मामय होने लगता है, स्वयं परमात्मा होने लगता है। परमात्मा होना क्या है.... अनादि काल से परमात्मा था ही, यह जानने लगता है।
-Pujya asharam ji bapu

752_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

'आत्मज्ञान में प्रीति, निरन्तर आत्मविचार और सत्पुरूषों का सान्निध्य' – यही आत्म-साक्षात्कार की कुँजियाँ हैं।
-Pujya asharam ji bapu

Saturday, 25 August 2012

751_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

भगवान के प्यारे भक्त दृढ़ निश्चयी हुआ करते हैं। वे बार-बार प्रभु से प्रार्थना किया करते हैं और अपने निश्चय को दुहराकर संसार की वासनाओं को, कल्पनाओं को शिथिल किया करते हैं।
-Pujya asharam ji bapu

750_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

जागो.... उठो.... अपने भीतर सोये हुए निश्चयबल को जगाओ। सर्वदेश, सर्वकाल में सर्वोत्तम आत्मबल को अर्जित करो। आत्मा में अथाह सामर्थ्य है। अपने को दीन-हीन मान बैठे तो विश्व में ऐसी कोई सत्ता नहीं जो तुम्हें ऊपर उठा सके।

-Pujya asharam ji bapu

749_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

जिसके जीवन में समय का मूल्य नहीं,कोई उच्च लक्ष्य नहीं, उसका जीवन बिना स्टियरींग की गाड़ी जैसा होता है। साधक अपने एक-एक श्वास की कीमत समझता है, अपनी हर चेष्टा का यथोचित मूल्यांकन करता है।
-Pujya asharam ji bapu

Friday, 24 August 2012

748_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

रब मेरे सतगुरु बनके आया, मेनू वेख लैन दे, मेनू वेख लैन दे, मत्था टेक लैन दे !
बूटे बूटे पानी लावे, सूखे बूटे हरे बनावे, ओ आया माली बनके मेनू वेख लैन दे !

Thursday, 23 August 2012

747_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

प्रकृति प्रसन्नचित्त एवं उद्योगी कार्यकर्ता को हर प्रकार से सहायता करती है |
-Pujya asharam ji bapu

746_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

मुझ में न तीनों देह हैं, तीनों अवस्थाएँ नहीं ।
मुझ में नहीं बालकपना, यौवन बुढ़ापा है नहीं ।।
जन्मूँ नहीं मरता नहीं, होता नहीं मैं बेश-कम ।
मैं ब्रह्म हूँ मै ब्रह्म हूँ, तिहूँ काल में हूँ एक सम ।।
:-भोला  बाबा

Wednesday, 22 August 2012

745_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

पर हित सरिस धर्म नहिं भाई।
पर पीड़ा सम नहिं अधमाई।।
ʹदूसरों की भलाई के समान कोई धर्म नहीं है और दूसरों को दुःख पहुँचाने के समान कोई नीचता (पाप) नहीं है।ʹ 
(श्रीरामचरितमानस)

Tuesday, 21 August 2012

744_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

जीवन में किसी भी क्षेत्र में सफल होना चाहते हो तो कोई-न-कोई अच्छा व्रत ले लो तथा उसका दृढ़तापूर्वक पालन करो। 
 -Pujya asharam ji bapu

Monday, 20 August 2012

743_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

मातृ-पितृ भक्ति, गुरुभक्ति, सत्यनिष्ठा, सहनशीलता, समता, प्रसन्नता, उत्साह, विनम्रता, उदारता, आज्ञाकारिता आदि सदगुण एक  आदर्श बालक के जीवन में होते हैं।
-Pujya asharam ji bapu

742_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

धैर्य धरो आगे बढ़ो, पूरन हों सब काम।
उसी दिन ही फलते नहीं, जिस दिन बोते आम।।
साँच बराबर तप नहीं, झूठ बराबर पाप।
जाके हृदय साँच है, ताके हृदय आप।।
यह तन विष की बेलरी, गुरु अमृत की खान।
सिर दीजे सदगुरु मिले, तो भी सस्ता जान।।
तुलसी मीठे वचन ते, सुख उपजत चहुँ ओर।
वशीकरण यह मंत्र है, तज दे वचन कठोर।।

Sunday, 19 August 2012

741_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

लौकिक विद्या तो पाओ ही पर उस विद्या को भी पा लो जो मानव को जीते जी मृत्यु के पार पहुँचा देती है। उसे भी जानो जिसके जानने से सब जाना जाता है, इसी में तो मानव-जीवन की सार्थकता है। पेटपालू पशुओं की नाईं जिंदगी बितायी तो क्या बितायी !
-Pujya asharam ji bapu

Saturday, 18 August 2012

740_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

व्यर्थ के भोगों से बचने के लिए परोपकार करो और व्यर्थ चिन्तन से दूर रहने के लिए ब्रह्मचिन्तन करो। व्यर्थ के भोगों और व्यर्थ चिन्तन से बचे तो ब्रह्मचिन्तन करना नहीं पड़ेगा, वह स्वतः ही होने लगेगा। आगे चलकर ब्रह्मचिन्तन पूर्णावस्था में पहुँचकर स्वयं भी पूरा हो जायेगा।
-Pujya asharam ji bapu

739_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

जब श्रीराम, श्रीकृष्ण आदि अवतार धरा पर आये, तब उन्होंने भी गुरु विश्वामित्र, वसिष्ठजी तथा सांदीपनी मुनि जैसे ब्रह्मनिष्ठ संतों की शरण में जाकर मानवमात्र को सदगुरु महिमा का महान संदेश प्रदान किया।
राम, कृष्ण से कौन बड़ा, तिन्ह ने भी गुरु कीन्ह।
तीन लोक के हैं धनी, गुरु आगे आधीन।।
हमें भी महापुरुषों सदगुरुओं के श्रीचरणों में बैठना है।

Friday, 17 August 2012

738_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

उद्यम, साहस, धैर्य, बुद्धि, शक्ति और पराक्रम – ये छः गुण जिस व्यक्ति के जीवन में हैं, अंतर्यामी देव उसकी सहायता करते हैं।

Thursday, 16 August 2012

737_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

हे वीरो ! हिम्मत करो, निर्भय बनो और गर्व करो कि तुम भारत के लाल हो। दीन-दुःखियों व शोषितों की सहायता करो.... शोषकों का विरोध करो.... देश के साथ गद्दारी करने वालों को सबक सिखाओ.... और निर्भय होकर आत्मपद में स्थिति प्राप्त कर लो। शाबाश वीर ! शाबाश.... ईश्वर और संतों के आशीर्वाद तुम्हारे साथ हैं।
-Pujya asharam ji bapu

736_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

शुभ संकल्प और पवित्र कार्य करने से
मन शुद्ध होता है, निर्मल होता है तथा
मोक्ष मार्ग पर ले जाता है । यही मन
अशुभ संकल्प और पापपूर्ण आचरण से
अशुद्ध हो जाता है तथा जडता लाकर
संसार के बन्धन में बांधता है ।


-Pujya asharam ji bapu

Tuesday, 14 August 2012

735_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

करिये नित सत्संग को बाधा सकल मिटाय।
ऐसा अवसर ना मिले दुर्लभ नर तन पाय।।

-Pujya asharam ji bapu

734_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

धर्म, देश के हित में जिसने पूरा जीवन लगा दिया।
इस दुनिया में उसी मनुज ने नर तन को सार्थक किया।।

15th August 2012 - HAPPY INDEPENDENCE DAY!!

733_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

जिसको नहीं निज देश पर निज जाति पर अभिमान है।
वह नर नहीं पर पशु निरा और मृतक समान है।।

15th August 2012 - HAPPY INDEPENDENCE DAY !!

Monday, 13 August 2012

732_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

मन में भय, अशांति, उद्वेग और विषाद को स्थान मत दो। सदा शांत, निर्भय और प्रसन्न रहने का अभ्यास करो। अपनी महिमा में जागो। खामखाह क्यों दीन होते हो?

-Pujya asharam ji bapu

731_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

ब्रह्म गिआनी का कथिआ न जाइ अधाख्यरु।।
ब्रह्म गिआनी सरब का ठाकुरु।।
ब्रह्म गिआनी कि मिति कउनु बखानै।।
ब्रह्म गिआनी की गति ब्रह्म गिआनी जानै।।
'श्री सुखमनी साहिब'

Sunday, 12 August 2012

730_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

बूँद-बूँद से सरिता और सरोवर बनते हैं, ऐसे ही छोटे-छोटे पुण्य महापुण्य बनते हैं । छोटे-छोटे सदगुण समय पाकर मनुष्य में ऐसी महानता लाते हैं कि व्यक्ति बन्धन और मुक्ति के पार अपने निज स्वरूप को निहारकर विश्वरूप हो जाता है
-Pujya asharam ji bapu

729_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

समग्र संसार के तत्वज्ञान, विज्ञान, गणित, काव्य और कला आपकी आत्मा में से निकलते हैं और निकलते रहेंगे |
-Pujya asharam ji bapu

Saturday, 11 August 2012

728_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

आप कर्म करने में सावधान रहो। ऐसे कर्म न करो जो आपको बाँधकर नरकों में ले जायें। किंतु अभी जो पूर्वकर्मों का फल मिल रहा है, उसमें आप प्रसन्न रहो।
-Pujya asharam ji bapu

727_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

जिसने अपना मन जीत लिया, उसने समस्त जगत को जीत लिया । वह राजाओं का राजा है, सम्राट है, सम्राटों का भी सम्राट है ।
-Pujya asharam ji bapu

Friday, 10 August 2012

726_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

हम धनवान होगे या नहीं, चुनाव जीतेंगे या नहीं इसमें शंका हो सकती है परंतु भैया ! हम मरेंगे या नहीं, इसमें कोई शंका है?आज तक आपने जगत में जो कुछ जाना है, जो कुछ प्राप्त किया है.... आज के बाद जो जानोगे और प्राप्त करोगे, प्यारे भैया ! वह सब मृत्यु के एक ही झटके में छूट जायेगा

-Pujya asharam ji bapu

Thursday, 9 August 2012

725_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

जहाँ प्रेम है, विश्रांति है वहाँ शांति का प्राकट्य होता है। जहाँ समाधि है वहाँ आनंद का प्राकट्य होता है।
 Happy Janmashtami
-Pujya asharam ji bapu

724_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

Happy Janmashtami

723_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

जनमाष्टमी की शुभकामना
 Happy Janmashtami

Wednesday, 8 August 2012

722_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

मंत्र ऐसा साधन है कि हमारे भीतर सोयी हुई चेतना को वह जगा देता है, हमारी महानता को प्रकट कर देता है, हमारी सुषुप्त शक्तियों को विकसित कर देता है।
-Pujya asharam ji bapu

Tuesday, 7 August 2012

721_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

‘सम्पूर्ण विश्व मेरा शरीर है’ ऐसा जो कह सकता है वही आवागमन के चक्कर से मुक्त है | वह तो अनन्त है | फ़िर कहाँ से आयेगा और कहाँ जायेगा?  सारा ब्रह्माण्ड़ उसी में है |
-Pujya asharam ji bapu

722_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

जैसे बीज की साधना
वृक्ष होने के सिवाय और
कुछ नहीं,
उसी प्रकार जीव की साधना
आत्मस्वरूप को जानने के सिवाय
और कुछ नहीं।

Pujya asharam ji bapu

Monday, 6 August 2012

721_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

हे भाई ! एक परमात्मा के अतिरिक्त अन्य किसी से क्यों चित्त लगाता है ? उठते-बैठते, सोते-जागते तुझे सदैव उसी का ध्यान करना चाहिए।
- Pujya Asharam Ji Bapu

720_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

जो मनुष्य निष्काम कर्म करता है उसे आत्मा में प्रीति होती है, उसे संसार से वैराग्य उपजता है और वैराग्य की अग्नि से उसके सारे पाप तथा कुसंस्कार जल जाते हैं।
- Pujya Asharam Ji Bapu

Sunday, 5 August 2012

719_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

कोई आज गया कोई कल गया कोई जावनहार तैयार खड़ा
नहीं कायम कोई मुकाम यहाँ चिरकाल से ये ही रिवाज रहा ।।

Saturday, 4 August 2012

718_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

इच्छा मात्र, चाहे वह राजसिक हो या सात्त्विक हो, हमको अपने स्वरूप से दूर ले जाती है। ज्ञानवान इच्छारहित पद में स्थित होते हैं। चिन्ताओं और कामनाओं के शान्त होने पर ही स्वतंत्र वायुमण्डल का जन्म होता है।
- Pujya Asharam Ji Bapu 

717_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

लोग क्यों दुःखी हैं? क्योंकि अज्ञान के कारण वे अपना सत्य स्वरूप भूल गये हैं और अन्य लोग जैसा कहते हैं वैसा ही अपने को मान बैठते हैं।
- Pujya Asharam Ji Bapu

Friday, 3 August 2012

716_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

प्रत्येक क्रिया, प्रत्येक व्यवहार, प्रत्येक प्राणी ब्रह्मस्वरूप दिखे, यही सहज समाधि है
 - Pujya Asharam Ji Bapu

715_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

  आप स्वप्नदृष्टा हैं और यह जगत आपका ही स्वप्न है | बस, जिस क्षण यह ज्ञान हो जायेगा उसी क्षण आप मुक्त हो जाएँगे
 - Pujya Asharam Ji Bapu 

714_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

वास्तविक शिक्षण का प्रारंभ तो तभी होता है जब मनुष्य सब प्रकार की सहायताओं से विमुख होकर अपने भीतर के अनन्त स्रोत की तरफ अग्रसर होता है
 - Pujya Asharam Ji Bapu

Thursday, 2 August 2012

713_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

सुख-दुःख, मान-अपमान, हर्ष-शोक आदि द्वन्द्व शरीर के धर्म हैं। जब तक शरीर है, तब तक ये आते जाते रहेंगे, कभी कम तो कभी अधिक होते रहेंगे। उनके आने पर तुम व्याकुल मत होना। तुम पूर्ण आत्मा हो, अविनाशी हो और सुख-दुःख आने जाने वाले हैं।
 - Pujya Asharam Ji Bapu
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