Saturday, 14 April 2012

353_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

इच्छा मात्र, चाहे वह राजसिक हो
या सात्त्विक हो, हमको अपने
स्वरू प से दूर ले जाती है । ज्ञानवान
इच्छारहित पद में स्थित होते हैं ।

Pujya Asharam Ji Bapu
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