Thursday, 9 February 2012

209_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

ज्ञानवान का आदर करने से भाग्य उज्जवल होता है और ज्ञानवान का अनादर करने से भाग्य रूठता है, दुर्भाग्य शुरु हो जाता है।
जहाँ सुमति तहँ संपति नाना ।
जहाँ कुमति वहँ बिपति निदाना ।।
Pujya asharam ji bapu 

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