Wednesday, 8 February 2012

205_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

सम्राट के साथ राज्य करना भी बुरा है न जाने कब रुला दे।
संत के साथ भीख माँगकर रहना भी अच्छा है न जाने कब मिला दे।।
इसलिए.....
कर सत्संग अभी से प्यारे नहीं तो फिर पछताना है.....।

Pujya asharam ji bapu
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