Saturday, 14 January 2012

141_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

समग्र संसार को जो अपना शरीर समझते हैं, प्रत्येक व्यक्ति को जो अपना आत्मस्वरूप समझते हैं, ऐसे ज्ञानी किससे अप्रसन्न होंगे ? उनके लिये विक्षेप कहाँ रहा ?
Pujya asharam ji bapu
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