Friday, 25 May 2012

556_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

कर्म में अगर यज्ञबुद्धि आ जाय, कर्म में अगर उदारता आ जाय, स्नेह आ जाय तो वह कर्म कर्त्ता को अपने स्वरूप का भान  करा देता है..
Pujya Asharam Ji Bapu
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