Friday, 11 May 2012

488_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

डरपोक होकर जिये तो क्या जिये ? मूर्ख होकर जिये तो क्या जिये ? भोगी होकर जिये तो क्या खाक जिये ? योगी होकर जियो । ब्रह्मवेत्ता होकर जियो । ईश्वर के साथ खेलते हुए जियो ।
Pujya Asharam Ji Bapu
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