Saturday, 5 May 2012

458_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

जिसके अंत:करण में राग द्वेष हैं वह चाहे आत्मा अनात्मा का विवेक करे चाहे चित्त का निरोध करे, उसको ज्ञाननिष्ठा नहीं होती है ।

Pujya Asharam Ji Bapu

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