Sunday, 6 May 2012

461_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

  आत्मा का सुख अपनी बुद्धि का प्रसाद मिलने से, बुद्धि निर्मल होने से, रजो तमोगुण के मल से रहित होने से उत्पन्न होता है । आत्मा का सुख विषयों के संग से उत्पन्न नहीं होता और निद्रा या आलस्य से नहीं मिलता ।
 Pujya Asharam Ji Bapu
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