Tuesday, 8 May 2012

473_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

स्थूल कामनाओं का नाश एकांतसेवन से होता है । स्वप्न में जो सूक्ष्म कामनाएँ दिखती हैं उनका नाश भगवद्ध्यान से और सत्वासना के अभ्यास से होता है ।
 Pujya Asharam Ji Bapu
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