Thursday, 27 December 2012

993_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

वासना-तृप्ति के लिए जो कर्म किया जाता है वह कर्त्ता को बाँधता है। वासना-निवृत्ति के लिए जो यज्ञार्थ कर्म किये जाते हैं वे कर्त्ता को मुक्त स्वभाव में जगा देते हैं।
-Pujya Asharam Ji Bapu
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