Tuesday, 27 November 2012

937_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

वर्त्तमान का आदर करने से चित्त शुद्ध होता है। भूत-भविष्य की कल्पना छोड़कर वर्त्तमान में स्थित रहना यह वर्त्तमान का आदर हुआ।
 -Pujya Asharam Ji Bapu
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