Tuesday, 25 December 2012

989_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

मेरा रोम-रोम संतों की, गुरू की कृपा और करूणा से पवित्र हो रहा है। आनन्दोऽहम्..... शान्तोऽहम्..... शुद्धोऽहम्..... निर्विकल्पोऽहम्.... निराकारोऽहम्।

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...