Tuesday, 1 May 2012

439_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

यह सारा प्रपंच जो दिख रहा है वह सब माया मात्र है।
देखिये सुनिये गुनिये मन माँहि।
मोहमूल परमारथ नाँही।।
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