Monday, 17 September 2012

788_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

अपने हृदय-मंदिर में बैठे हुए अन्तरात्मारूपी परमात्मा को प्यार करते जाओ और अहंकार को डुबाते जाओ उस परमात्मा की शान्ति में।
-Pujya asharam ji bapu

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