Wednesday, 19 September 2012

792_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

जब ऐच्छिक अनुशासन और एकाग्रता के द्वारा अपने मन की निर्मलता बढ़ती है तब भावातीत चेतना के प्रतिबिम्ब के रूप में ज्ञान का आविष्कार होता है।
स्वामी शिवानन्द
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