Monday, 10 September 2012

776_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

 
जो अपने आप में आनन्दित है वही तो बादशाह है।  वस्तुओं का बादशाह होना तो अहंकार की निशानी है लेकिन अपने मन का बादशाह होना अपने प्रियतम की खबर पाना है। 
 -Pujya asharam ji bapu
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