Saturday, 16 June 2012

608_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU


आत्मज्ञान में प्रीति, निरन्तर आत्मविचार और सत्पुरूषों का सान्निध्य' – यही आत्म-साक्षात्कार की कुँजियाँ हैं
Pujya Asharam Ji Bapu
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