Wednesday, 20 June 2012

616_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

चाहे शरीर रहे अथवा न रहे, जगत रहे अथवा न रहे, परंतु आत्मतत्त्व तो सदा एक-का-एक, ज्यों का त्यों है
 Pujya Asharam Ji Bapu
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