Tuesday, 12 June 2012

599_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

जो मनुष्य निष्काम कर्म करता है उसे आत्मा में प्रीति होती है, उसे संसार से वैराग्य उपजता है और वैराग्य की अग्नि से उसके सारे पाप तथा कुसंस्कार जल जाते हैं..
 ऐसे ही जब साधक वैराग्यवान होकर मन को वश में करता है तब उसे सदगुरू का थोड़ा सा उपदेश भी परमात्म पद में प्रतिष्ठित कर देता है।
Pujya Asharam Ji Bapu 
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