Wednesday, 19 June 2013

1132_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

यथायोग्य व्यवहार करो लेकिन चित्त से सदा आत्मपद में स्थिति करो। चित्त में एक बार आत्म-शान्ति का स्वाद आ जाये तो फिर संसार में कोई सुख तुम्हें प्रभावित नहीं करेगा।
-Pujya Asharam Ji Bapu
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