Sunday, 16 June 2013

1127_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

देश, काल और वस्तु के परिच्छेद से रहित जो अखण्ड है, एकरस है, अभी है, यहाँ है, सदा है, सर्वत्र है वही हमारा आत्मा होकर बैठा है।
 -Pujya Asharam Ji Bapu
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