Wednesday, 21 October 2015

1347_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU


 गुरू ग्रंथसाहब कहते हैं कि गुरू के बिना ईश्वरप्राप्ति का मार्ग नहीं मिल सकता। गुरू स्वयं ईश्वर स्वरूप होने के कारण वे साधक को ईश्वर प्राप्ति के मार्ग में ले जाते हैं। उस मार्ग में वे पथप्रदर्शक बनते हैं। गुरू ही शिष्य को ऐसा अनुभव करा सकते हैं कि वह स्वयं ही ईश्वर हैं।

On Finding the Guru

Guru-Grantha-Sahib says that without Guru the path to God cannot be found. The Guru being God himself, can lead the aspirant on the path and guide him along the path, and he alone can make the Chela realise that he is himself God. 

 - Sri Swami Sivananda
Guru  Bhakti Yog, Sant Shri Asharamji Ashram
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