Saturday, 10 October 2015

1339_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU





गुरू का ध्यान

जो मनुष्य गुरू के चरणकमलों का ध्यान नहीं करते वे आत्मा का घात करने वाले हैं। वे सचमुच जिन्दे शव के समान कंगले मवाली हैं। वे अति दरिद्र लोग हैं। ऐसे निगुरे लोग बाहर से धनवान दिखते हुए भी आध्यात्मिक जगत में अत्यंत दरिद्र हैं।

Meditation on Guru

Those who do not concentrate on the Lotus-Feet of Guru are slayers of Atman. They are in fact living corpses and miserable wretches. They are very poor people. 


   - Sri Swami Sivananda
Guru  Bhakti Yog, Sant Shri Asharamji Ashram
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