Thursday, 2 October 2014

1253_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

गुरूभक्तियोग का अर्थ है
व्यक्तिगत भावनाओं,
इच्छाओं, समझ-बुद्धि एवं
निश्चयात्मक बुद्धि के
परिवर्तन द्वारा अहोभाव को
अनंत चेतना स्वरूप में
परिणत करना।

-श्री स्वामी शिवानन्द सरस्वती
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