Thursday, 2 May 2013

1082_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

जो अपने को आत्मा मानता है,वह अपने आत्मा स्वभाव को पा लेता है। जो राग-द्वेष के चिन्तन में फँसता है वह ऐसे ही कल्पनाओं के नीचे पीसा जाता है।
-Pujya Asharam Ji Bapu
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