Thursday, 18 February 2016

1368_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

सेवा संजीवनी

"ऋषि प्रसाद एवं ऋषि दर्शन की सेवा गुरुसेवा, समाजसेवा, राष्ट्रसेवा, संस्कृति सेवा, विश्वसेवा, अपनी और अपने कुल की भी सेवा है।"

-Pujya Sant Shri Asharam Ji Bapu
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