Monday, 27 August 2012

752_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

'आत्मज्ञान में प्रीति, निरन्तर आत्मविचार और सत्पुरूषों का सान्निध्य' – यही आत्म-साक्षात्कार की कुँजियाँ हैं।
-Pujya asharam ji bapu
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