Thursday, 2 August 2012

713_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

सुख-दुःख, मान-अपमान, हर्ष-शोक आदि द्वन्द्व शरीर के धर्म हैं। जब तक शरीर है, तब तक ये आते जाते रहेंगे, कभी कम तो कभी अधिक होते रहेंगे। उनके आने पर तुम व्याकुल मत होना। तुम पूर्ण आत्मा हो, अविनाशी हो और सुख-दुःख आने जाने वाले हैं।
 - Pujya Asharam Ji Bapu
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