Wednesday, 22 August 2012

745_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

पर हित सरिस धर्म नहिं भाई।
पर पीड़ा सम नहिं अधमाई।।
ʹदूसरों की भलाई के समान कोई धर्म नहीं है और दूसरों को दुःख पहुँचाने के समान कोई नीचता (पाप) नहीं है।ʹ 
(श्रीरामचरितमानस)
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