Monday, 30 July 2012

710_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

है माना मेरे दाता तेरी हस्ती जमींन से आंसमांन तक है
मगर देखना अब मुझे ..
मेरे नज़र कहाँ तक है ...
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