Sunday, 22 February 2015

1287_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU



हिलनेवाली, मिटनेवाली
कुर्सियों के लिए छटपटाना
एक सामान्य बात है, जबकि
परमात्मप्राप्ति के लिए छटपटाकर
अचल आत्मदेव में स्थित होना
निराली ही बात है।
यह बुद्धिमानों का काम है।

-Pujya Sant Shri Asharam Ji Bapu
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