कपट का आश्रय लेने से अंतःकरण मलिन होता है और सत्य का आश्रय लेने से अंतःकरण में सिंह जैसा बल आ जाता है। अतः कर्म में पुरुषार्थ और विवेक के साथ सच्चाई को सदैव साथ रखो।
क्या तुमने आज किसी की कुछ सेवा की है? यदि नहीं तो आज का दिन तुमने व्यर्थ खो दिया। यदि किसी की कुछ सेवा की है तो सावधान रहो, मन में कहीं अहंकार न आ जाय।