आपतियाँ पर्वत जैसी भले ही हों सब कुछ भयावह और अंधकार पूर्ण भले ही दिखे ,पर जान लो सब माया है । डरों मत,यह भाग जायेगी । इसे ठुकराओ और यह मर जायेगी ।डरो मत कितनी बार असफलता मिलेगी यह न सोचो, चिंता न करो । काल अनन्त है ।आगे बढ़ो पुनः पुनः ,प्रकाश अवश्य ही आवेगा ।
-Pujya Sant Shri Asharam Ji Bapu
तुम अपने उपर अविश्वास कभी मत करो ,तुम इस जगत मे सब कुछ कर सकते हो ,कभी भी अपने को दुर्बल मत समझो । सभी शक्तियाँ तुम्हारे भीतर विधमान है ।
-Pujya Sant Shri Asharam Ji Bapu
कठिनाईयों से जितना डरोगे उतना ही वे ज्यादा भय दिखाती है और जोर पकडती है। यदि दुःख विपत्ति आये तो समझो इश्वर तुम्हारे साथ खेल कर रहे है । और यही समझकर दुःख में भी परम सुखी रहो ।
-Pujya Sant Shri Asharam Ji Bapu
यदि किसी व्यक्ति मे सत्य ,पवित्रता और निःस्वार्थता- ये तीन बातें विद्मान हैं तो इस ब्रह्मांड में ऐसी कोई ताकत नही जो उसका बाल भी बाका कर सके । इन तीनों से सज्जित रहने पर मनुष्य सारे जगत का सामना कर सकता है ।
-Pujya Sant Shri Asharam Ji Bapu