Friday, 22 February 2013

1048_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

 

हे परम पावन प्रभु !
अंतःकरण को
मलिन करनेवाली स्वार्थ व
संकीर्णता की
सब क्षुद्र भावनाओं से
हम सभी ऊपर उठें।

-Pujya Asharam Ji Bapu

Thursday, 21 February 2013

Sunday, 17 February 2013

1046_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

आदमी पहले भीतर से गिरता है फिर बाहर से गिरता है। भीतर से उठता है तब बाहर से उठता है। बाहर कुछ भी हो जाय लेकिन भीतर से नहीं गिरो तो बाहर की परिस्थितियाँ तुम्हारे अनुकूल हो जायेंगी।
 -Pujya Asharam Ji Bapu

Saturday, 16 February 2013

1045_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

इस सम्पूर्ण जगत को पानी के बुलबुले की तरह क्षणभंगुर जानकर तुम आत्मा में स्थिर हो जाओ | तुम अद्वैत दृष्टिवाले को शोक और मोह कैसे
 -Pujya Asharam Ji Bapu

Thursday, 14 February 2013

1044_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

 ज्ञान के कठिनमार्ग पर चलते वक्त आपके सामने जब भारी कष्ट एवं दुख आयें तब आप उसे सुख समझो क्योंकि इस मार्ग में कष्ट एवं दुख ही नित्यानंद प्राप्त करने में निमित्त बनते है | अतः उन कष्टों, दुखों और आघातों से किसी भी प्रकार साहसहीन मत बनो, निराश मत बनो | सदैव आगे बढ़ते रहो | जब तक अपने सत्यस्वरूप को यथार्थ रूप से जान लो, तब तक रुको नहीं |
 -Pujya Asharam Ji Bapu
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