सुषुप्त
शक्तियों को
विकसित करने
का अमोघ साधन
है मौन।
योग्यता
विकसित करने
के लिए मौन जैसा
सुगम साधन
मैंने दूसरा
कोई नहीं
देखा।
-Pujya Asharam Ji Bapu
संसार व संसार की समस्याओं में जो सबसे अधिक फँसे हुए हैं उन्हीं को वेदान्त की सबसे अधिक आवश्यकता है | बीमार को ही औषधि की ज्यादा आवश्यकता है |
-Pujya Asharam Ji Bapu
सुख अपने सिर पर दुख का मुकुट पहन कर आता है | जो सुख को अपनायेगा उसे दुख को भी स्वीकार करना पड़ेगा |
-Pujya Asharam Ji Bapu
नश्वर की
आसक्ति मिटते
ही शाश्वत की
प्रीति जगती
है।
-Pujya Asharam Ji Bapu
दुःख के सदुपयोग से जीवन की शक्ति का विकास होता है और सुख के सदुपयोग से जीवन में सजगता आती है, जीवनतत्त्व की जागृति होती है।
-Pujya Asharam Ji Bapu