तुम जब प्रखर विवेक और समता रखोगे तब तुम्हारे अंतर में भी श्रीकृष्णतत्त्व प्रगट हो सकता है। यदि आत्मा को मैं मानें तो आप ही का नाम कृष्ण है।
-Pujya asharam ji bapu
नित्य ध्यान, प्राणायाम, योगासन से अपनी सुषुप्त शक्तियों को जगाओ।दीन-हीन-कंगला जीवन बहुत हो चुका। अब उठो... कमर कसो। जैसा बनना है वैसा आज से और अभी से संकल्प करो....