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🌷 मूर्ख की संगति (प्रेरक विचार) 🌷
✨ विद्वान आदमी यदि मूर्खों की संगति करता है, तो वह अपना ज्ञान खो देता है, जैसे कि कस्तूरी हींग की डिबिया में बंद होकर अपनी सुंगध खो देती है। और यदि अज्ञानी मूर्खों की संगति करे तो क्या होगा ? करेला स्वयं ही कडवा और फिर नीम पर चढ गया तो ? शेखसादी के शब्दो में इसका उत्तर है-
'अगर तुम विद्वान हो तो बेवकूफो की संगति से मूर्ख बन जाओगे, और यदि मूर्ख हो, तो फिर पूरे गधे ही हो जाओगे ।' ✨




