Tuesday, 23 February 2016

1373_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

उमा कहउँ मैं अनुभव अपना । सत हरि भजनु जगत सब सपना ।।

(श्री रामचरित. अर. कां. 38.6)

Monday, 22 February 2016

1372_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

जो ब्रह्म सबमें देखते हैं, ध्यान धरते ब्रह्म का।
भव जाल से हैं छूटते, साक्षात करे हैं ब्रह्म का।।
नर मूढ़ पाता क्लेश है, अपना-पराया मानकर।
ममचा-अहंता त्याग दे, सर्वात्म-अनुसंधान कर।।

Sunday, 21 February 2016

1371_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU


 तुलसी भरोसे राम के, निश्चिंत होई सोय।
अनहोनी होनी नहीं, होनी होय सो होय।।


चिंतित व्यक्ति को अच्छी तरह इसका मनन करना चाहिए।


-Pujya Sant Shri Asharam Ji Bapu

Saturday, 20 February 2016

1370_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU


 तेजस्वी बनो 

हे मेरे विद्यार्थियो ...  हजार-हजार विघ्न-बाधाएँ आ जायें
फिर भी जो संयम का, सदाचार का, सेवा का, ध्यान का,
भगवान की भक्ति का रास्ता नहीं छोड़ता वह जीते जी
मुक्तात्मा, महान आत्मा, परमात्मा के ज्ञान से सम्पन्न
सिद्धात्मा जरूर हो जाता है और अपने कुल-खानदान का भी
कल्याण कर लेता है। तुम ऐसे कुलदीपक बनना।
ૐ....ૐ... बल.... हिम्मत... 


-Pujya Sant Shri Asharam Ji Bapu 

Friday, 19 February 2016

1369_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

साम्य दृष्टि आना चाहिए,यही सारी सृष्टि मंगलमय मालूम होनी चाहिए । जैसे मुझे खुद अपने पर विश्वास है वैसा ही सारी सृष्टि पर मेरा विश्वास होना चाहिए ।यहाँ डरने की बात ही क्या है ? सब कुछ सुद्ध और पवित्र है । यह विश्व मंगलमय है क्योंकि परमेश्वर उसकी देख-भाल करता है।
-Pujya Sant Shri Asharam Ji Bapu
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