Monday, 6 October 2014

1257_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU



मुश्किलें दिल के इरादे आजमाती हैं। स्वप्न के परदे निगाहों से हटाती हैं।।
हौसला मत हार गिरकर ओ मुसाफिर ! ठोकरें इन्सान को चलना सिखाती हैं।।

Saturday, 4 October 2014

1256_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU



~~~~~  एकाग्रता से आत्मशाँति  ~~~~
पुरुष यह चिन्तन करने लगे की सुख-दुःख सब आने-जानेवाला है, मन, बुद्धि, इन्द्रियाँ ये सब प्रकृति के हैं, उसको देखनेवाला मैं असंगो अयं पुरुषः केवल निर्गुणश्च तो क्यों वह सफल नहीं होगा?
इस प्रकार एकाग्रता को तत्त्वज्ञान में ले जाओ तो बेड़ा पार हो जाये।

-Pujya Sant Shri Asharam Ji Bapu

1255_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU



सर्वदा आनन्द में, शांतमना होकर रहो

सुख-दुःख, मान-अपमान, हर्ष-शोक आदि द्वन्द्व शरीर के धर्म हैं। जब तक शरीर है, तब तक ये आते जाते रहेंगे ।उनके आने पर तुम व्याकुल मत होना। तुम पूर्ण आत्मा हो, अविनाशी हो और सुख-दुःख आने जाने वाले हैं।

-Pujya Sant Shri Asharam Ji Bapu

Thursday, 2 October 2014

1254_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

संसार कल्पित मानता, नहीं भोग में अनुरागता।
सम्पत्ति पा नहीं हर्षता, आपत्ति से नहीं भागता॥

निज आत्म में संतृप्त है, नहीं देह का अभिमान है।
ऐसे विवेकी के लिए, सब हानि-लाभ समान है॥

- भोला बाबा

1253_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

गुरूभक्तियोग का अर्थ है
व्यक्तिगत भावनाओं,
इच्छाओं, समझ-बुद्धि एवं
निश्चयात्मक बुद्धि के
परिवर्तन द्वारा अहोभाव को
अनंत चेतना स्वरूप में
परिणत करना।

-श्री स्वामी शिवानन्द सरस्वती
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