Sunday, 7 September 2014

1243_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

यदि लौकिक आसक्तियों और स्वार्थमयी इच्छाओं से आप अपने को आजाद कर लें ,सो फिर सत्य पाने की बात ही क्या है ? आप स्वंय इसी क्षण सत्य हैं ।
-Pujya Sant Shri Asharam Ji Bapu

1242_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU



ऐ महान ! अपनी सर्वशक्तिमान प्रकृति को उद्बुद्ध करो । तुम्हीं मे तो सारी शक्ति निहित है । देखोगे,यह सारी दुनियाँ,तुम्हारे पैरों पर लोटने लगेगी ।एक मात्र आत्मा ही शासन करती है ,जड़ पदार्थ क्या शासन करेगा ।
-Pujya Sant Shri Asharam Ji Bapu

Saturday, 6 September 2014

1241_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU


अपमान तो तुम्हारी आत्म ज्योति को जाग्रत करने वाला है ।तुम्हारी विस्मृति  को नष्ट करके स्मृति  को ताजी बनाने वाला है ।अपमान क्षोभ का नही ,प्रसाद का जनक है ।अपमान होते ही प्रसन्ता से खिल उठना चाहिए कि  मेरी स्मृति ताजी करने के लिए साक्षात भगवान स्वयं आये है ,महान सौभाग्य है ।
-Pujya Sant Shri Asharam Ji Bapu

Thursday, 4 September 2014

1240_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU



तुम चाहे किसी की भी प्रार्थना करो,पर कौन आकर तुम्हें सहायता देगा ? जिसने स्वयं मृत्यु से छुटकारा नहीं पाया ,उससे तुम किस प्रकार सहायता की आशा कर सकते हो ? स्वयं ही अपना उद्धार करो , दूसरा कोई तुम्हें मदद नहीं पहुँचायेगा । तो फिर आत्मा का आश्रय लो । उठ खड़े हो ,डरो मत ।
-Pujya Sant Shri Asharam Ji Bapu

Wednesday, 3 September 2014

1239_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU



करोड़ों दुःख रूपी कीटाणु तुम्हारे आस-पास क्यों न घूमते रहें ,पर कुछ चिंता न करो । जब तक तुम्हारा मन कमजोर नही होता । तब तक उनकी हिम्मत नही कि वे तुम पर हमला करे । यह एक बड़ा सत्य है कि बल ही जीवन है और दुर्बलता ही मरण ।
-Pujya Sant Shri Asharam Ji Bapu
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