Wednesday, 14 May 2014

1204_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU



गम्भीर-से-गम्भीर कठिनाइयों में भी अपना मानसिक सन्तुलन बनाये रखो। क्षुद्र अबोध जीव तुम्हारे विरूद्ध क्या कहते हैं इसकी तनिक भी परवाह मत करो। जब तुम संसार के प्रलोभनों और धमकियों से नहीं हिलते तो तुम संसार को अवश्य हिला दोगे।

 -Pujya Sant Shri Asharam Ji Bapu

Sunday, 11 May 2014

1203_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU



जो तुम्हें शरीर से, मन से, बुद्धि से दुर्बल बनाये वह पाप है। पुण्य हमेशा बलप्रद होता है। सत्य हमेशा बलप्रद होता है।

 -Pujya Sant Shri Asharam Ji Bapu

Wednesday, 7 May 2014

1202_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU



सुख-दुःख की परिस्थितियों पर तुम्हारा कोई वश हो या न हो परन्तु सुखी-दुःखी होना तुम्हारे हाथ की बात है। तुम आनन्दस्वरूप हो। तुम्हें कौन दुःखी कर सकता है ?
 -Pujya Sant Shri Asharam Ji Bapu

Friday, 2 May 2014

1201_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU




व्यवहार जगत के तूफान तो क्या, मौत का तूफान आये उससे भी टक्कर लेने का सामर्थ्य आ जाय इसका नाम है साक्षात्कार। इसका नाम है मनुष्य जीवन की सफलता।
जरा जरा-सी बात में डर रहे हैं? जरा जरा-सी बात में सिकुड़ रहे हैं? हो होकर क्या होगा? जो भी हो गया वह देख लिया। जो हो रहा है वह देख रहे हैं। जो होगा वह भी देखा जायेगा। मूँछ पर ताव देते हुए.... भगवान को प्यार करते हुए तुम आगे बढ़ते जाओ।
निर्भय..... निर्भय.... निर्भय.... निर्भय..... निर्भय.....।

 -Pujya Sant Shri Asharam Ji Bapu
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