Thursday, 20 March 2014

1173_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU




अपने को दीन-हीन मान बैठे तो विश्व में ऐसी कोई सत्ता नहीं जो तुम्हें ऊपर उठा सके। अपने आत्मस्वरूप में प्रतिष्ठित हो गये तो त्रिलोकी में ऐसी कोई हस्ती नहीं जो तुम्हें दबा सके।

- Pujya Sant Shri Asharam Ji Bapu

Tuesday, 18 March 2014

1172_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU



मन को उदास मत करो। सदैव प्रसन्नमुख रहो। हँसमुख रहो। तुम आनन्दस्वरूप हो। भय, शोक, चिन्ता आदि ने तुम्हारे लिए जन्म ही नहीं लिया है, ऐसी दृढ़ निष्ठा के साथ सदैव अपने आत्मभाव में स्थिर रहो।
- Pujya Sant Shri Asharam Ji Bapu

Sunday, 16 March 2014

1171_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU



मानव यदि निर्भय हो जाय तो जगत की तमाम-तमाम परिस्थितियों में सफल हो जाय।
- Pujya Sant Shri Asharam Ji Bapu

Saturday, 15 March 2014

1170_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU




ऐसा कौन है जो तुम्हें दुःखी कर सके? तुम यदि न चाहो तो दुःखों की क्या मजाल है जो तुम्हारा स्पर्श भी कर सके? अनन्त-अनन्त ब्रह्माण्ड को जो चला रहा है वह चेतन तुम्हीं हो।

- Pujya Sant Shri Asharam Ji Bapu

Friday, 14 March 2014

1169_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU



सुख को भविष्य में मत ढूँढो। वर्त्तमान क्षण को ही सुखद बनाने की कला सीख लो, क्योंकि भविष्य कभी आता नहीं और जब भी आता है तब वर्त्तमान बनकर ही आता है।


- Pujya Sant Shri Asharam Ji Bapu


Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...