Saturday, 8 December 2012

955_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

हम जो चाहते हैं वह सब अपना होता नहीं। जो अपना होता है वह सब भाता नहीं। जो भाता है वह सदा के लिए टिकता नहीं।
-Pujya Asharam Ji Bapu

Friday, 7 December 2012

954_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

आध्यात्मिक मार्ग में देखा जाए तो तुम्हारे शत्रु वास्तव में तुम्हारे शत्रु नहीं हैं। बाहर से मित्र दिखते हुए मित्र तुम्हारे गहरे शत्रु हैं। वे तुम्हारा समय खा जाते हैं और तुम्हारी आध्यात्मिक पूँजी चूस लेते हैं, तुमको भी पता नहीं चलता। उनको भी पता नहीं होता कि हम अपने मित्र की आध्यात्मिक पूँजी बरबाद कर रहे है।
-Pujya Asharam Ji Bapu

953_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

मनुष्य जैसा सोचता है वैसा हो जाता है। मन कल्पतरू है। अतः सुषुप्त दिव्यता को, दिव्य साधना से जगाओ। अपने में दिव्य विचार भरो।
-Pujya Asharam Ji Bapu

Thursday, 6 December 2012

952_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

किसी भी चीज़ को ईश्वर से अधिक मूल्यवान मत समझो |
-Pujya Asharam Ji Bapu

951_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

वे ही महापुरूष बड़ा काम कर गये हैं, उन्होंने ही जगत का कल्याण किया है जिन्होंने एकान्त-सेवन किया है, जिन्होंने आत्म-विश्लेषण किया है, जिन्होंने तुच्छ वस्तुओं का आकर्षण छोड़कर, तुच्छ वस्तुओं की चिन्ता छोड़कर सत्य वस्तु का अनुसंधान किया है।
 -Pujya Asharam Ji Bapu
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