अपने अन्दर के परमेश्वर को प्रसन्न करने का प्रयास करो | जनता एवं बहुमति को आप किसी प्रकार से संतुष्ट नहीं कर सकते | जब आपके आत्मदेवता प्रसन्न होंगे तो जनता आपसे अवश्य संतुष्ट होगी
Pujya Asharam Ji Bapu
शारीरिक, मानसिक, नैतिक व आध्यात्मिक ये सब पीड़ाएँ वेदान्त का अनुभव करने से तुरंत दूर होती हैं और…कोई आत्मनिष्ठ महापुरुष का संग मिल जाये तो वेदान्त का अनुभव करना कठिन कार्य नहीं है
Pujya Asharam Ji Bapu
जब-जब दुःख आ जाये तब समझ लो कि मैं भीतर वाले अन्तर्यामी ईश्वर से बिगाड़ रहा हूँ।सब दुःखों का कारण एक ही है। ईश्वर से जब तुम नाता बिगाड़ते हो तभी फटका लगता है..
Pujya Asharam Ji Bapu